आयुर्वेद का अर्थ औषधि - विज्ञान नही है वरन आयुर्विज्ञान अर्थात '' जीवन-का-विज्ञान'' है

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सोमवार, 24 सितंबर 2012

ये कृष्ण का कदम्ब




.......जो खग हों  तो बसेरो करो मिलि कालिंदी कूल कदम्ब की डारन
       मानुष हो तो वही रसखान ...................

बचपन में तो इसे रटा गया था , अब जब पूजा में कदम्ब के फल या फूल चढ़ाए जाते हैं तो याद आता है कि  क्यों  कृष्ण जी इसके दीवाने थे .

इस कदम्ब का वैज्ञानिक नाम है- Anthocephalus cadamba 
इसमें  अल्केलायद कदम्बाई न o 3, अल्फाडीहाइड्रो कदम्बीन ,ग्लैकोसीड्स एल्केलायद ,आइसो- डीहाइड्रो कदम्बीन , बीटासिटोस्तीराल ,क्लीनोविक एसिड ,पेंतासायक्लीक , ट्रायटार्पेनिक एसिड ,कदम्बाजेनिक एसिड,सेपोनिन ,उत्पत्त तेल, क्वीनारिक एसिड आदि रासायनिक तत्वों की भरमार होती है ,जिनकी वजह से कदम्ब देव वृक्ष की श्रेणी में आता है।

                                                         
इसके तो फूल पत्ते, छाल, फल सभी लाभदायक हैं।
*** बुखार न जा रहा हो तो कदम्ब की छाल का काढा दिन में दो- तीन बार पी लीजिये।
***अगर पत्तों के काढ़े से कुल्ला करेंगे तो मुंह के छाले और दांत की बीमारियों में आराम मिलेगा।
*** बदहजमी हो गयी हो तो कदम्ब की कच्ची कोंपलें 4-5 चबा लीजिये।
*** बदन पर लाल चकत्ते पड़  गये हों तो कदम्ब किई -5 कोंपले सुबह-शाम चबाएं।
*** कदम्ब के फल आपके प्रजनन अंगों को मजबूत करते हैं।
*** खून में कोई कमी आ जाए तो कदम्ब के फल और  पत्तों का 4 ग्राम चूर्ण लगातार एक महीना खा लीजिये।



*** फोड़े- फुंसी और गले के दर्द में कदम्ब के फूल और पत्तों का काढा बनाकर पीजिये।
***महिलाओं को अपने वक्ष -स्थल पुष्ट रखने हैं तो कदम्ब के फूलों की चटनी बनाकर लेप कीजिए।
*** दस्त हों रहे हों तो कदम्ब की छाल का काढा पी लीजिए या छाल का रस 2-2 चम्मच . लेकिन बच्चों को देते समय इस रस में जीरे का चूर्ण एक चुटकी और मिश्री भी मिला लीजिये।
*** आँख में खुजली हो रही है या आँख  आ गयी है तो इसकी छाल का  रस लेप कर लीजिये।
*** सांप के काटने पर इसके फल फूल पत्ते जो भी मिल जाएँ पहले तो पीस कर लेप कीजिए फिर काढा बनाकर पिलाइए।
*** दिल की तकलीफों या नाडी डूबने की हालत में इसका रस 2 चम्मच किसी तरह पिला दीजिये देखिये फिर चमत्कार।

इन आलेखों में पूर्व विद्वानों द्वारा बताये गये ज्ञान को समेट कर आपके समक्ष सरल भाषा में प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयत्न मात्र है .औषध प्रयोग से पूर्व किसी मान्यताप्राप्त हकीम या वैद्य से सलाह लेना आपके हित में उचित होगा

12 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हमारे यहाँ था कदम्ब का पेड़, पके फल बहुत खाये हैं।

VIJAY KUMAR VERMA ने कहा…

bahut hi gyanvardhk jankaree mili..dhnyabad

वाणी गीत ने कहा…

कदम्ब का नाम लेते ही कृष्ण याद आते हैं .राजस्थान में कदम्ब कम नजर आते हैं.
उपयोगी जानकारी !

Asha Joglekar ने कहा…

कदम्ब के झाड नीचे ढूंढू मोहन माला, और आपके इस लेख में वह मिल भी गई ।
मोहनमाला के अनेक मोतियों की तरह इसके कितने उपयोग ।
मेरे भाई के यहां कदम्ब का पेड हे पर हमें तो इसके इतने उपयोग पता न थे । अनेक धन्यवाद ।

Kunwar Kusumesh ने कहा…

उपयोगी जानकारी .

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

upyogi jaankari...

Asha Joglekar ने कहा…

बहुत दिनों से कोई पोस्ट नही डाली आपने ।

Vinay ने कहा…

sahi jaankari, ham to jante hi nahi thi, jane kitne kadamb LDA ne ghar ke pass laga rakhe hain

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत अद्भुत अहसास.सुन्दर प्रस्तुति.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !

मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

VINEET ने कहा…

दीदी प्रणाम कैसी है आप।दीदी आप कितनी समाज सेवा करती ।आपका हर कदम सराहनीय है

हरिराम ने कहा…

सही कही, जनन अंगों के शक्ति वर्धन में बहुत लाभकारी हैं।

हरिराम ने कहा…

सही कही, जनन अंगों के शक्ति वर्धन में बहुत लाभकारी हैं।